अरविंद केजरीवाल: एक इंजीनियर से लेकर मुख्यमंत्री तक का
सफर
पैंट के साथ बाहर करके पहनी गई आधी बाजू की ढीली ढाली शर्ट, काली मूंछों वाला एक नाटे कद का साधारण सा दिखने वाला
आदमी। जो कभी ट्रेन का इंतजार करता प्लेटफॉर्म पर जमीन पर सोते नजर आता, तो कभी ऑटो के लिए सड़क पर इंतजार करता। पैंतालीस वर्षीय अरविंद केजरीवाल की
साल भर पहले भीड़ में कोई पहचान नहीं थी।
आज की तारीख में हर किसी को अरविंद केजरीवाल की
सफलता प्रजातंत्र में एक ऐसी नई तस्वीर नजर आती है जो किसी चमत्कार से कम नही है।
ऐसा शायद लोगो ने फिल्मी कथाओं मे ही देखा था। एक शख्स राजनीतिक जगत में सिर्फ सवा
साल में फर्श से अर्श पर पहुंच कर अपनी कहानी बयां कर रहा है। वैसे कई ऐसे लोग हैं
जो सबकुछ गंवाने के बाद लोकतंत्र के सबसे छोटे निकाय का भी चुनाव नहीं जीत सके
लेकिन केजरीवाल ने चंद दिनों में जनता की नब्ज टटोलकर देश की राष्ट्रीय राजधानी
दिल्ली की सत्ता पर कब्जा कर लिया. घपले और घोटालों के दौर में नाटे कद का यह
केजरीवाल दिल्ली का 7वां मुख्यमंत्री बन गया।
जो
कभी इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी हुआ करता था, साधारण
सी कद काठी वाला यह शख्स कब दिल्ली की सबसे ताकतवर कुर्सी का ओहदेदार बन गया। साधारण सा दिखने वाला आदमी आज युवाओं का महानायक बन चुका है।
हरियाणा के भिवानी जिले के सीवानी मंडी में 16 अगस्त 1968 को गोविंद राम केजरीवाल और गीता देवी के घर जन्माष्टमी के दिन
अरविंद का जन्म हुआ और इसीलिए घर वाले प्यार से उन्हें किशन भी बुलाते हैं। हिसार
से ही अरविंद ने अपनी हाईस्कूल तक की पढाई पूरी की। उन्होंने
उन्होंने
1989 में आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल
इंजीनियरिंग में बीई किया। अरविंद केजरीवाल एक बार कोलकाता गए थे। वहां उनकी
मुलाकात मदर टेरेसा से हुई। अरविंद ने कालीघाट पर काम किया और शायद यहीं से उन्हें
दूसरों के लिए जीने का नजरिया मिला। 1995
में अरविंद इंडियन रेवेन्यू सर्विस के लिये चुने गये थे.
ट्रेनिंग के बाद दिल्ली में इनकम टैक्स
डिपार्टमेंट में अस्सिटेंट कमिश्नर बने। लेकिन यहां भी अपने लिये उन्होंने खुद
नियम बनाये। वो नियम थे, अपनी टेबल को खुद साफ करना, डस्टबिन की गंदगी को खुद हटाना, किसी काम के लिये चपरासी का इस्तेमाल
नहीं करना। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी करते हुये ही केजरीवाल ने
डिपार्टमेंट में भ्रष्टाचार कम करने की मुहिम शुरु कर दी थी। आईआरएस सेवा के प्रशिक्षण
के दौरान ही केजरीवाल ने अपनी बैचमेट सुनीता से विवाह किया। केजरीवाल के एक पुत्र
और एक पुत्री है।
साल
2000 में केजरीवाल ने परिवर्तन नाम के एक
एनजीओ की शुरूआत की। बैनर पोस्टर छपवाये। जिन पर लिखा था रिश्वत मत दीजिये, काम न हो तो हमसे संपर्क कीजिये।
परिवर्तन के जरिए उन्होंने देश भर में सूचना के अधिकार का अभियान शुरू किया, जो जल्दी ही एक मूक सामाजिक आन्दोलन बन
गया, दिल्ली में सूचना अधिकार अधिनियम को 2001 में पारित किया गया। और अंत में राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय
संसद ने 2005 में सूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) को
पारित कर दिया।
केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सूचना का
अधिकार देने का कानून बनवाया। वे एक एनजीओ 'साथी' से भी जुड़े। केजरीवाल ने पब्लिक कॉज
रिसर्च फाउंडेशन नाम का एक गैर-सरकारी संगठन भी बनाया। उन्होंने जन लोकपाल बिल के
लिए अन्ना हजारे के साथ मिलकर अनशन किया और धरनों, प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। बिल बेशक केंद्र सरकार ने पारित किया हो, लेकिन जनता के बीच जाकर उन्हें जागृत
करने का जिम्मा अरविंद और उनके परिवर्तन ने उठाया।
अरविंद
को राइट टू इन्फॉरमेशन पर काम के लिये एशिया का नोबल पुरस्कार कहा जाने वाला मैग्सेसे
अवार्ड मिला। परिवर्तन की लड़ाई का ही अगला चरण था जनलोकपाल। यह सिलसिला बढता गया
और केजरीवाल ने फरवरी 2006 में नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूरे
समय के लिए सिर्फ परिवर्तन में ही काम करने लगे।
इसके
बाद देश में शुरू हुआ भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन। राम लीला मैदान मे
अन्ना हजारे के सबसे करीबी शख्स के रुप में अरविंद केजरीवाल को पूरे देश में पहचान
मिली।आंदोलन को जनसमर्थन तो पूरा मिला लेकिन जनलोकपाल बिल नहीं बन पाया।
इसके
बाद केजरीवाल ने राजनीति में आने का फैसला किया। मगर यहीं से अन्ना हजारे और
केजरीवाल के रास्ते अलग हो गए।
कुछ
साथियों को पीछे छोड़ कुछ को साथ लेकर केजरीवाल अन्ना के बिना भी आगे बढ़ते गए। गांधी
जयंती 2 अक्टूबर 2012 को केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बनाने
की घोषणा की।
26 नवंबर 2012 में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी अस्तित्व में आई। महज एक साल पहले
पैदा हुई आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में काबिज कांग्रेस और भाजपा को कडी टक्कर दी। विधानसभा
चुनाव में उन्होंने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। उन्होंने नई दिल्ली विधानसभा सीट से
तीन वार जीत चुकी दिल्ली की मुख्यमंत्री को 25 हजार से अधिक मतों से पराजित किया और उनकी पार्टी ने 70 सदस्यीय विधानसभा में 28 सीटें हासिल की।
बीजेपी
के बाद दूसरी बड़ी पार्टी के रुप मे उभरी आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के समर्थन से
दिल्ली राज्य मे सरकार बनाई जिसमे अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने। 28 दिसंबर 2013 को रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण कर उन्होंने यह पदभार संभाला।
राजीव
श्रीवास्तव (एक टीवी चैनल के पत्रकार)
अरविंद केजरीवाल- एक नजर
नाम- अरविंद केजरीवाल
जन्म- 16 अगस्त 1968
जन्म स्थान- सिवानी मंडी जिला भिवानी(हरियाणा)
पिता- गोविंद रण केजरीवाल
माता- गीता देवी
पत्नी- सुनीता केजरीवाल
संतान- 2
पद- मुख्यमंत्री दिल्ली
शपथ ग्रहण- 28 दिसंबर 2013
पार्टी- आम आदमी पार्टी
शिक्षा- स्नातक मैकेनिकल इंजीनियरिंग
संस्थान- आई आई टी खडगपुर